Category: Stories

वसीयत और नसीहत

“वसीयत और नसीहत” एक दौलतमंद इंसान ने अपने बेटे को वसीयत देते हुए कहा, “बेटा मेरे मरने के बाद मेरे पैरों में ये फटे हुऐ मोज़े (जुराबें) पहना देना, …

छहों दिशायों को प्रणाम करने का कारण/अर्थ

एक संत कहीं जा रहे थे। रास्ते में विश्राम के लिए एक नदी के किनारे रुके। देखा कि एक भिक्षुक स्नान कर रहा है। फिर उसने छह दिशाओं में …

शांति का सुगम मार्ग

जो संसार की माया चाहता है, वह सांसारिक पदार्थों में सुख को खोजता रहता है, किन्तु उसे मृग-मरीचिका की भाँति संसार में सुख नहीं मिलता है, क्योंकि सांसारिक पदार्थ …

जब भगवान करने लगे अपने भक्त का इंतजार

एक संत के पास बड़े सुंदर शालिग्राम भगवान् थे । वे संत उन शालिग्राम जी को हमेशा साथ ही लिए रहते थे और बड़े प्रेम से उनकी पूजा अर्चना …

जब कालिदास को अपनी गलती समझ आ गयी

Jab KaaliDas Ko Apni Galti Samjh Aa Gayi कालिदास बोले :- माते पानी पिला दीजिए बङा पुण्य होगा. स्त्री बोली :- बेटा मैं तुम्हें जानती नहीं. अपना परिचय दो। …