निंदा से घबराकर अपने “लक्ष्य” को ना छोड़े क्योंकि

“निंदा” से घबराकर अपने “लक्ष्य” को ना छोड़े

क्योंकि…..

“लक्ष्य” मिलते ही
निंदा करने वालों की
“राय” बदल जाती है।

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