अच्छे अच्छे महलों मे भी एक दिन कबूतर अपना घोंसला बना लेते है …

अच्छे अच्छे महलों मे भी एक दिन कबूतर अपना घोंसला बना लेते है … सेठ घनश्याम के दो पुत्रों में जायदाद और ज़मीन का बँटवारा चल रहा था और …

मनुष्य की वास्तविक पूंजी

मनुष्य की वास्तविक पूंजी धन नहीं, बल्कि उसके विचार हैं, क्यों कि धन तो खरीदारी में दूसरों के पास चला जाता हैं, पर विचार अपने पास ही रहते हैं …

प्रभु तर्क वालों को नही, श्रद्धा वालों को दिखते है

एक साधु महाराज श्री रामायण कथा सुना रहे थे। लोग आते और आनंद विभोर होकर जाते। साधु महाराज का नियम था, रोज कथा शुरू करने से पहले “आइए हनुमंत …

हर चीज़ न किसी को मिलती है, न मिलेगी ; शिक्षादायक कहानी

मेरे सामने ही एक पूरी फैमिली बैठी थी। मम्मी, पापा, बेटा और बेटी। हमारी टेबल उनकी टेबल के पास ही थी। हम अपनी बातें कर रहे थे, वो अपनी। …