सोच सोच का फर्क होता है…

तालाब एक ही है..,

उसी तालाब मे हंस मोती चुनता है और बगुला मछली…!

सोच सोच का फर्क होता है…!
आपकी सोच ही आपको बड़ा बनाती है…!!

यदि हम गुलाब की तरह खिलना
चाहते हैं तो हमें काँटों के साथ
तालमेल की कला सीखनी होगी….!!

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