….वह लोग महात्मा होते है

जो अपना गम भूल कर
दुसरो की ख़ुशी के लिए भोले जी से
दुआ मांगते है,
वो महान होते है।

दुःख में तो सबकी आँखों से आंसू निकलते है
लेकिन जो अपने आंसू अपनी पलकों के पीछे छिपा कर
दूसरों को सुखी देखना चाहते है वो महात्मा होते है।

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